उत्तराखंड

सोन नदी का बढ़ा जलस्तर ग्रामीणों में चिंता प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में जारी किया अलर्ट

Kavita2
1 Sept 2026 11:24 AM IST
सोन नदी का बढ़ा जलस्तर ग्रामीणों में चिंता प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में जारी किया अलर्ट
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हुसैनाबाद: सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए हुसैनाबाद क्षेत्र में प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पिछले कुछ दिनों में विभिन्न बराज और जलाशयों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचा, जिसके बाद नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। पानी बढ़ने से सोन नदी के किनारे बसे इलाकों में चिंता का माहौल है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के करीब जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचना दें।

तटवर्ती गांवों में बढ़ी परेशानी

हुसैनाबाद प्रखंड के कई गांव सोन नदी के किनारे बसे हुए हैं। इनमें सोनपुरवा, देवरी खुर्द, देवरी कला, बुधुआ, बड़ेपुर और दंगवार सहित कई इलाके शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ कटाव की समस्या भी तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे जमीन लगातार कट रही है, जिससे खेती की भूमि और घरों पर खतरा मंडराने लगा है।

कई किसानों को डर है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो उनकी फसल और जमीन को भारी नुकसान हो सकता है।

दो लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से बढ़ा दबाव

जानकारी के अनुसार, विभिन्न बराज और जलाशयों से छोड़ा गया करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचा है। इसके कारण नदी का बहाव तेज हो गया है और किनारे के इलाकों में दबाव बढ़ गया है।

जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर और कटाव की लगातार निगरानी की जा रही है।

ग्रामीणों ने उठाई तटबंध निर्माण की मांग

सोन नदी के किनारे बसे ग्रामीण लंबे समय से कटाव रोकने के लिए तटबंध निर्माण की मांग करते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने यह समस्या रखी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उनका कहना है कि अगर समय रहते तटबंध का निर्माण हो जाए तो गांवों और किसानों की जमीन को सुरक्षित किया जा सकता है।

किसानों और पशुपालकों को विशेष सतर्कता

प्रशासन ने किसानों और पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पशुओं को नदी किनारे ले जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।

वहीं, किसानों से अपील की गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे खेती वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

प्रशासन की टीम रख रही नजर

जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां रखी गई हैं।

नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है और उन्हें प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

कटाव बनी बड़ी समस्या

सोन नदी के किनारे कटाव की समस्या वर्षों पुरानी है। बारिश के मौसम में नदी का बहाव तेज होने के कारण कई जगहों पर मिट्टी का कटाव बढ़ जाता है।

इससे किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा जाती है और कई बार आबादी वाले क्षेत्रों पर भी खतरा पैदा हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए स्थायी तटबंध और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।

आगे भी निगरानी जारी रहेगी

प्रशासन का कहना है कि सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर पानी और बढ़ता है तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सोन नदी में बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटवर्ती गांवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण जहां स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन फिलहाल निगरानी और सतर्कता के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।

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